।। मैथिल सेवा संस्थान पर अपनेक स्वागत अछि ।। Welcome to Maithil Seva Sansthan ।। मैथिल सेवा संस्थान पर आपका स्वागत हैं ।। Please visit our Website: www.maithilsevasansthan.org ।।

August 10, 2015

Our Constitution

मैथिल सेवा संस्थान
( संविधान )

() संस्था केर नाम व लोगो ( चिन्ह ) :- मैथिल सेवा संस्थान,

() संस्था केर पंजीकृत कार्यालय :- दरभंगा,

() संस्था केर कार्यक्षेत्र :- सम्पूर्ण मिथिला, खाली क्रम संख्या ६ के उप संख्या २ मऽ (), (), () आऽ () सम्पूर्ण भारत।

() संस्था केर सदस्यता लेल शर्त :-

() एहि संस्थाक अंतर्गत मैथिल मूल के नागरिक जिनकर आयु १८ बरख पूरा भऽ गेल होय।

() संस्था केर सदस्यता के इच्छुक नागरिक मानसिक रुपे संतुलित होबाक चाहि संगे संस्था केर प्रति हुनका आस्था होबाक चाहि।

() संस्था केर प्रारंभिक सदस्यता शुल्क ₹१००/- टक्का निर्धारित अछि।

() संस्था केर सभ सदस्य लेल मासिक ₹१००/- टक्का, सलाना ₹११००/- टक्का, आऽ अधिकतम १० बरख लेल ₹१००००/- टक्का संविधान केर अंतर्गत निर्धारित / समय सीमा समाप्ति के बाद सदस्यता केर नवीकरण अनिवार्य।

() प्रवासी मैथलिक लेल सदस्थता शुल्क ऐच्छिक।

() आन संस्था के पदाधिकारी एही संस्था के सदस्य नञि बैन सकैत छैथ।

() कोनो आन संस्था के साधारण सदस्य एहि संस्था के साधारण सदस्य भऽ सकैत छैथ, लेकिन एहि संस्था के पदाधिकारी नियुक्त होबाक अधिकारी नञि हेता।

नोट : एहि संस्था के सदस्यता ग्रहण करबाक बाद यदि दोसर संस्था मऽ पदस्थापित होयत छैथ तेँ एहि स्थिति मऽ सदस्यता बरकरार रहत।

() संस्थापक सदस्य पर 4 के () लागू नञि होयत।

() सदस्यता केर समाप्ति :-

() सदस्य के देहांत भेला पर।

() कोनो तरहक कानूनी दोषी स्पष्ट भेला पर।

() संस्था केर विरुद्ध कोनो गलत दुर्व्यवहार केला पर।

() उपयुक्त कोनो तरहक दोषी पेला पर कारण बताऊ नोटीस उच्चाधिकारी समिति द्वारा ओहि सदस्य के देल जायत, संतोषजनक जबाब नञि भेटला पर हुनकर सदस्यता सदिखन लेल रद्द कऽ देल जायत।

() () संस्था केर आय श्रोत :-

() व्यक्तिगत दान।

() चैरिटी शो केर द्वारा।

() सदस्य सँ प्राप्त हर तरहक शुल्क।

() स्वेच्छा सँ प्राप्त डोनेशन।

() गृह उद्योग सँ प्राप्त आय।

() संस्था केर व्यय श्रोत व कार्य :-

() रक्तदान शिविर।

() बाल - वृद्ध चिकित्सा शिविर।

() शिक्षा स्तर बढेबाक लेल नेना सभक बिच जागरूकता।

() गृह उद्योग कऽ बढ़ाबा आऽ प्रचार - प्रसार।

() मैथिली चित्रकला केर विकाश आऽ प्रचार - प्रसार।

() असहाय मैथिलक कोनो तरहक गम्भीर उपचार लेल सहयोग कऽ प्राथमिकता।

() छात्र सभक संगे संग बेरोजगार मुक्ति लेल डिजिटल नौकरी केर तलाश करी ओहि संग जोरबाक प्रयाश।

() कौशल विकास।

() प्राकृतिक आपदा मे मिथला मऽ सहायता।

() कार्यकारिणी केर विवरण :-

() राष्ट्रीय,
() राज्यवर,
() मिथिला,
() जिला,
() प्रखण्ड,
() पंचायत।

() कार्यकारिणी समिति :-

() राष्ट्रीय कार्यकारिणी मऽ सदस्य केर संख्या कम सँ कम ११ आऽ बेसी सँ बेसी ५० निर्धारित अछि। राज्य कार्यकारणी मऽ सदस्य के संख्या ७-११ निर्धारित अछि। जिला कार्यकारणी मऽ सदस्य केर संख्या ५ -७ निर्धारित अछि। प्रखण्ड कार्यकारणी मऽ सदस्य केर संख्या ३-५ निर्धारित अछि। पंचायत कार्यकारणी मऽ सदस्य केर संख्या ३ निर्धारित अछि। सभ कार्यकारिणी के संरक्षक / प्रभारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी नियुक्त करत।

() कार्यकारिणी सदस्य मऽ सँ कार्यकारिणी समिति केर चयन होयत।

() कार्यकारिणी समिति केर कोनो तरहक पद के आवश्यकता अनुरूप घटेबाक आऽ बढ़ेबाक अधिकार उच्चाघिकार समिति केर अंतर्गत होयत।

() बैसार :- कार्यकारिणी समिति केर बैसार बरख मऽ २ बेर होयत। मुदा जँ अध्यक्ष केर विचार हेतैन तेँ ओ सूचना दऽ बैसार के घोषणा कऽ सकैत छैथ।

() बैसारक सूचना :- अध्यक्ष द्वारा घोषणा कैल जायत। जँ बैसार कोनो जल्दबाजी में होयत तेँ २४ घंटा पहिने सूचित करब आवश्यक होयत।

() कार्यकारिणी समिति केर कार्य :-

() अध्यक्ष केर चूनाव,

() कोनो तरहक प्रस्ताव पारित करब,

() संस्था के हित मऽ कोनो तरहक निर्णय करब,

() संस्था केर कार्यप्रणाली लेल निर्णायक ठोस डेग तय करब,

() कोनो तरहक गम्भीर निर्णय पारित करब, जेकर अंतिम प्रस्ताव उच्चाधिकारी समिति द्वारा पारित कैल जायत।

() विशेष परिस्थिति मऽ राज्य कार्यकारणी याऽ राष्ट्रीय कमिटी के भीतर आबे बला कोनो भी कार्यकारणी / कमिटी कऽ भंग करे के अधिकार।

(१०) राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति लेल पद केर चूनाव :-

() अध्यक्ष - (१ गोट),
() उपाध्यक्ष - (२ गोट),
() सचिव - पुरुष (१ गोट), उपसचिव (३गोट)
() महासचिव - (३ गोट),
() कोषाध्यक्ष - (१ गोट) उप कोषाध्यक्ष (१ गोट),
() सोशल मिडिया / मिडिया प्रभारी - (१ गोट) आर उप मिडिया प्रभारी (१ गोट),
() राष्ट्रीय प्रवक्ता - (२ गोट),
() स्वतंत्र प्रभार, उदेश्य – (५ गोट)
() कम सँ कम १०% महिला सदस्य/एक सदस्य

(११) उच्चाधिकार समिति ( कोर कमिटी ) :-

() एहि समिति मऽ ७ सदस्य आऽ १ गोट कानूनी वरिष्ठ सलाहकार रहता।

() एहि समिति केर बैसार मास मऽ एक बेर होयत जेकर माध्यम स्थायी बैसार, ऑनलाइन मिटिंग व टेली - कॉन्फ्रेंस रहत।

() इ समिति कोनो तरहक तत्काल निर्णय लेबाक लेल स्वतन्त्र रहत।

() एहि समिति मऽ कोनो भी निर्णय बहुमत के आधार पर मान्य होयत।

() एहि समिति केर अधीन सदस्य सभक निष्कासन व पुनः जोड़बाक अधिकार रहत।

() कार्यकारिणी केर अवहेलना पर कुनु भी पदाधिकारी कऽ निस्काष्ण केर अधिकार।

(१२) राष्ट्रीय प्रवक्ता :- उच्चाधिकार समिति द्वारा संस्था केर राष्ट्रीय प्रवक्ता के चुनाव होयत।

(१३) राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति केर कार्यकाल :- २ बरख निर्धारित

(१४) पदाधिकारी केर कार्य, कर्त्तव्य व अधिकार :-

() अध्यक्ष :-

() कोनो तरहक बैसारक अध्यक्षता करब।

() सभ पदाधिकारी केर मार्गदर्शन, मनोबल बढ़ायब व संस्था हित लेल काज करब।
() कोनो तरहक संस्थागत दस्तावेज पर हस्ताक्षर करब।

() अप्पन निचला स्तर के पदाधिकारी कऽ हुनक दायित्व व कार्य सौपब।

() अध्यक्ष केर निर्णय कार्यकारिणी समिति व सदस्य लेल सर्वमान्य होयत।

() कोनो पदाधिकारी के इस्तीफा के स्वीकार या अस्वीकार केनाय।

() अध्यक्ष अप्पन इस्तीफा सचीव कऽ देता।

() उपाध्यक्ष :-

() अध्यक्ष केर कार्य व सुझाव में सहयोग करब।

() अध्यक्ष द्वारा निर्देशित कार्यभार केर सुचारू रूप सँ निर्वाह करब।

() अध्यक्ष केर अनुपस्थिति मऽ उपाध्यक्ष केर निर्णय कार्यकारिणी समिति व सदस्य लेल सर्वमान्य होयत। मुदा एहि लेल अध्यक्ष लिखित रुपे उपाध्यक्ष केर नामक पुष्टि करताह।

() सचिव :-

() अध्यक्ष द्वारा निर्देशित गतिविधि मऽ सहयोग करब।

() संस्था के सम्पूर्ण अभिलेख संधारण एंव सुरक्षित रखबाक जिमेवारी।

() सचिव केर अनुपस्थिति मऽ उपसचिव केर निर्णय कार्यकारिणी समिति व सदस्य लेल सर्वमान्य होयत। मुदा एहि लेल सचिव लिखित रुपे उपसचि केर नामक पुष्टि करताह।

() अध्यक्ष केर इस्तीफा कऽ उच्चाधिकार समिति मऽ पस्तुत करब।

() महासचिव :-

() अध्यक्ष द्वारा निर्देशित व घोषित बैसार लेल व्यवस्थापन करब। सुचना तकनिकी व्यवस्थापन संग बैसारक लेल बंदोबस्त करब।

() संस्थागत बाहरी आर अंदरुनी गतिविधि पर नज़र राखब संगे नियंत्रित करब।

() सचिव केर कोनो तरहक घोषित कार्यभार में सहयोग करब।

() कोषाध्यक्ष :-

() अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सहसचिव, सचिव आर संस्था द्वारा प्रस्तावित कोनो तरहक बिल, भाउचर, लेन – देन, लेखा- जोखा केर भुगतान करब।

() आय- व्यय केर हिसाब- किताब, संस्था केर कोषक समीक्षाक दस्तावेज हरेक बैसार में अध्यक्ष- उपाध्यक्ष समक्ष राखब।

() अध्यक्ष एंव सचिव के द्वारा पूर्ण अनुमोदन के बादे भुगतान करब अनिवार्य।

() सोशल मंच :-

() एहि पद पर नियुक्त व्यक्ति संस्था केर ऑनलाइन गतिविधि वेबसाइट, फेसबूक, ट्विटर, ब्लॉग केर सम्पादन संगे संस्थागत हरेक गतिविधि कऽ इन्टरनेट पर प्रेषित करताह।

() अध्यक्ष या सचिव केर अनुमोदन के बाद

() प्रवक्ता :-

() संस्थागत सभ तरहक गतिविधि केर रिपोर्ट मिडिया केर समक्ष राखब।

() संस्था केर बाहरी गतिविधि सँ संस्था कऽ अवगत करायब।

() अध्यक्ष या सचिव केर अनुमोदन के बाद प्रेषित करताह।

() स्वंतत्र प्रभार :-

() स्वंतत्र प्रभार के पहिल काज पारित उद्देश्य केर प्रारूप तैयार केनाय, प्रारूप केर वित्तीय बजट के संग कार्यकारिणी मऽ पस्तुत केनाय, ओकर इनपुट आर आउटपुट के समावेश, महिना मऽ २ बेर रिपोर्ट देब आर र्चचा करब।

() प्रारूप तैयार करई लेल अपना अनुसार सदस्य के मांग कऽ सकैत छैथ, जाहि पर कार्यकारिणी केर फैसला अन्तिम होयत।

(१५) चुनाव लेल नियम व शर्त :-

() कोनो सदस्य जाधरि २ बरख संस्था केर सदस्य नञि रहल हेता ताधरि हुनकर नाम कोनो तरहक पदक लेल प्रस्तावित नञि कायल जे सकैत अछि।

() कोनो सदस्य जे संस्था केर सविधान व संस्थागत हरेक नियम - शर्त सँ सहमत नञि हेता हुनकर नाम कोनो तरहक पदक लेल प्रस्तावित नञि कायल जे सकैत अछि।

(१६) चुनाव आयुक्त :-

() कार्यकारिणी केर २ बरख बाद संस्था केर कार्यकारिणी समिति एवं उच्चाधिकारी समिति द्वारा संस्था केर जानकार व्यक्ति कऽ चुनाव अधिकारी के रुपे नियुक्त करताह।

() हरेक स्तर पर मतदान गुप्त होयत जाहि सँ संस्था मऽ आपसी मतभेद उत्पन्न नञि हुवे।

() अध्यक्ष केर चुनाव कार्यकारिणी समिति करताह।

() चुनाव पोस्टकार्ड पत्र द्वारा वोटिंग केर तहत होयत।

() संस्थाक हरेक सदस्य कऽ एक वोट केर अधिकार रहत। बहुमत केर आधार पर निर्णय सर्वमान्य होयत।

(१७) आंकेक्षण व लेखा - जोखा :-

() संस्था केर वार्षिक खाता केर आंकेक्षण कार्यसमिति द्वारा नियुक्त चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा कैल जायत। इ बैसार राष्ट्रीय कार्यालय में होयत।

() वित्त वर्ष के अंत मऽ चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा संस्था केर वार्षिक बैसार मऽ संस्थागत सब लेन - देन, बचत आर जमापूंजी केर दस्तावेज प्रस्तुत कायल जायत।

() आयकर विभाग सँ जुरल हर तरहक गतिविधि केर निर्वाह संस्था द्वारा नियुक्त चार्टर्ड एकाउंटेंट करताह।

(१८) संस्था केर खाता संचालन :-

() संस्था केर खाता के संचालन कोषाध्यक्ष, अध्यक्ष, आर सचिव तीनो केर संयुक्त हस्ताक्षर सँ होयत।

() संस्था केर खाता कार्यकारिणी समिति के सर्व सहमति सँ कोनो राष्ट्रीय बैंक, डाकघर व सहकारी बैंक मऽ खुजत।

() संस्था केर खाता के संचालन नेट-बैंकिंग केर तहत होयत। नेट बैंकिग के मोबाइल न० अध्यक्ष के, ID Password कोषाअध्यक्ष होयत। कोनो भी दुरूउपयोग पर दुनु गोटा समान रूप सँ जिम्मेदार, जाधरि मामला मऽ आरोप तय नञि होयत।

(१९) संस्था केर पक्ष - विपक्ष मऽ कानूनी कार्यवाही केर संचालन :-

() संस्था केर कोनो तरहक कानूनी कार्यवाही मऽ नाम अध्यक्ष / सचिव केर होयत।

() अध्यक्ष / सचिव संस्था केर कानूनी कार्यवाही केर संचालन करताह।

() कार्यवाही सम्पादन लेल वकील व कोनो वरिष्ठ कानूनी सलाहकार केर नियुक्ति अध्यक्ष / सचिव करताह।

() वकील व क़ानूनी सलाहकार केर लेल खर्च के फीस उच्चाघिकार समिति निर्णय करता।

(२०) कार्यकारिणी समिति केर वार्षिक सदस्यक सूचि सोसाइटी एक्ट अधिनियम १८६० एवं कानूनी सलाहकार केर विचार सँ कायल जायत। संगहि एहि प्वाइंट केर समुचित संज्ञान कोनो जानकार वकील सँ विचार करी सम्पादित कैल जायत।

(२१) संस्था केर स्मृति पत्र, नियम- विनिमय मऽ संशोधन लेल दिशानिर्देश सेहो कोनो क़ानूनी सलाहकार व वकील केर सहायता सँ सम्पादित कैल जायत।

(२२) संस्था केर विघटन आर सम्पति केर निस्तारण लेल उच्चाधिकारी समिति द्वारा विचार केलाक उपरांत भारतीय संविधान एवं सोसाइटी एक्ट अधिनियम १८६० के तहत छेत्रिय न्यायालय मऽ कोनो वरिष्ठ क़ानूनी सलाहकार संग न्यायालय समक्ष तय होयत।

(२३) संस्था केर लेटर हेड, लोगो, प्रमाण पत्र, सदस्यता फार्म, स्लोगन, झण्डा, पंजीकृत सदस्यक पहचान पत्र उच्चाधिकारी समिति के निर्णय केर अन्तर्गत होयत। संगहि एहि सभ तरहक दस्तावेज केर पंजीकरण कानूनी सलाहकार केर विचार सँ होयत।

(२४) संस्था केर मान्यता प्राप्त सार्टिफिकेट सेहो उच्चाधिकारी समिति केर विचार उपरांत कानूनी सलाह अनुरूप तय आर सम्पादित होयत।

(२५) कोनो सदस्य जे पहिने सँ एहि संस्था सनक कोनो दोसर संस्था मऽ पदयुक्त हेता ओ व्यक्ति / सदस्य एहि संस्था के पद पर नियुक्त नञि कायल जायत। नोट : संस्थापक सदस्य पर लागु नञि होयत।

(२६) एहि संस्था केर सभ संवैधानिक पद वेतनरहित रहत।

(२७) संस्था क़ राजनीती गतिविधि :-

() ई संस्था कोनो तरहक राजनितिक गतिविधी सँ दूर रहत।

() संस्था के मिथिलाक विकाश सँ जुड़ल अंहिसापूर्ण आंदलोन मऽ भाग लेबाक निर्णय उच्चाघिकार समिति करताह ।

(२८) दोसर संस्थाक संग काज करबाक लेल शर्त :-

() संस्था दोसर कोनो संस्था संग मिथिला मऽ कोनो गतिविधी (प्रवासी मैथिलक सहयोग) मऽ भाग नञि लेत।

() दोसर संस्था सँ बिना शर्त आर्थिक सहयोग लऽ सकैत अछि।

() दोसर संस्था संग विचार आदान प्रदान करबाक लेल मंच साझा कऽ सकैत अछि, जाहिक निर्णय उच्चाधिकार कमिटी करता।

(२९) राज्य / जिला / प्रखंड / पंचायत :-

() क्षेत्र मऽ संस्थाक प्रचार – प्रसार,

() संस्था के सदस्य सभ कऽ जोड़ब, संस्था के लेल धन एकट्ठा करब। (नोट : सभ धन संस्था के बैंक खाता मऽ जमा कायल जायत)

() अप्पन क्षेत्र मऽ होय बला काज केँ प्रारूप तैयार करब आर अप्पन संरक्षक / प्रभारी के देनाय।

() संस्था के खाता मऽ राज्य कार्यकारणी द्वारा इकठ्ठा धन के २०% बजट बना कऽ खर्च करबाक अधिकार राज्य कार्यकारणी के रहत एही मऽ जिला / प्रखंड / पंचायत टीम के खर्च होयत, विशेष पारिस्थित मऽ राष्ट्रिय कार्यकारणी सहमती अनिवार्य।

(३०) निगरानी कमिटी केर गठन आर काज :-

(i) गठन / निर्माण प्रक्रिया :-

() एही कमिटी मऽ सदस्य केर संख्या ३ रहत।

() एही कमिटी मऽ २ सामान्य सदस्य आर १ राष्ट्रीय संरक्षक रहत।

() सामान्य सदस्य के चयन / मनोनीत उच्चाधिकार समिति करता। सामान्य सदस्य जिनका लग कोनो भी संवैधानिक पद नञि होयत।

(ii) कार्य, कर्त्तव्य व अधिकार :-

() संस्था के कोनो भी सदस्य केर अपील पर सुनवाई।

() संस्था के अन्दर कोनो भी तरहक मनमुटाव एवं आपसी विवाद के सुलह केनाय आऽ दोषी कऽ सजा देब।

() गलत सूचना देबे बला पर कार्यवाई / जाँच के दौरान दोषी कऽ सजा देब।
दोष के सिद्ध भेला पर गुनाह केर गंभीरता अनुसार सजा : - चेतावनी / निष्कासन / अर्थ दंड

(३१) कार्यकरिणी के एक सदस्य सिर्फ एक पद पर रहता विशेष पस्थिति मऽ उच्चाघिकार समिति अतिरिक्त पद भार दऽ सकैत अछि।

(३२) रास्ट्रीय आर राज्यवर कार्यकारिणी मऽ परिवार के तत्काल सदस्य नञि रहता जेना पति / पत्नी / माता / पिता / भाई / बहिन / बेटा / बेटी।

(३३) हरेक साल अयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के तिनो बैसार मऽ जे सदस्य अनुपस्थित रहता हुनका पर अनुशासनिक कार्यवाही उच्चाघिकार समिति द्वारा कायल जायत।

(३४) कोनो भी पद जे संविधान निहित नञि अछी, ओहिकें मनोनयन राष्ट्रिय कार्यकारणी करत जेना : संरक्षक

(३५) संविधान मऽ संशोघन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के २/३ सँ पारित भेला के बाद, उच्चाधिकार समिति ५ सदस्य के टीमक गठन करता, कमिटी संशोधित संविधान उच्चाघिकार समिति के सौपता, उवे संविधान पारित करता या पुनः विचारार्थ कमिटी कऽ भेजता।

*************************** इति श्री ****************************

1 comment:

  1. संस्थाक संविधान बहुत सावधानी स बनेनाई जरूरी से ध्यान उपरोक्त संविधान में राखल गेल अछि। उम्मीद अछि जे पंजीकृत भेलाक बाद संस्थान अप्पन उद्देश्य मे प्रभावी रूप सअ सफल होयत। शुभकामना।

    ReplyDelete

Like MSS on facebook